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Consultant के Foreign Client पर GST का Impact

GST DOST's BLOG

 Plot

This video is made using the Story Telling Technique. The main character of this video is Mr Rajesh Ram Verma from Tamil Nadu, who is an advisor to Oracle Financial. His customers are from India as well as abroad. Not only that, but he also has a liberal outlook and is also trustworthy, which you will be able to understand when you watch this video.

The story of this video revolves around Rajesh's business with Doyen System, who is also his business competitor. Rajesh has an agreement with Doyen, according to which Rajesh will give support service to Doyen's client who is in Boston, USA. The American company does not mind from whom Doyen is taking service to provide them with the service and that' why Rajesh and American company also exchange documents and information among themselves. Rajesh makes bills by applying GST in US Dollars every month. Rajesh will get payment in Indian currency from Doyen and not from an American company. But still, Dion pays Rajesh only after receiving payment from an American company.

The story takes an exciting turn when Rajesh feels that he is the de facto service provider for the American company and that the payment is only routed through Doyen. Therefore, his service should be considered as export of service, and he should get all the benefits that he gets from exporting.

However, he is sceptical, so instead of knocking on the door of the GST Department for a refund, he knocks at the Advance Ruling Authority and asks him to clear his doubts.

Then,

What happened there?

Did he get answers to all his questions there and if not, why?

What questions were answered, but what?

To know this, you must watch this video. 

Also, if you watch this video, you will get to know what precautions should be taken for the application of Advance Ruling and at the time of the hearing.

 

पटकथा

यह वीडियो स्टोरी टेलिंग तकनीक का उपयोग करके बनाया गया है। इस वीडियो का मुख्य किरदार तमिलनाडु के श्री राजेश राम वर्मा हैं, जो ओरेकल फाइनेंशियल के सलाहकार हैं। उनके ग्राहक भारत के साथ-साथ विदेशों में भी हैं। इतना ही नहीं, बल्कि उसका एक उदार दृष्टिकोण भी है और भरोसेमंद भी है, जिसे आप समझ पाएंगे जब आप इस वीडियो को देखेंगे |

इस वीडियो की कहानी राजेश का डोयन सिस्टम के साथ जो बिज़नेस है, उसके इर्द गिर्द घूमती है | हालाँकि  डोयन सिस्टम उनका बिज़नेस में  प्रतिस्पर्धी है | राजेश का डॉयन के साथ एक करार होता है जिसके अनुसार राजेश डॉयन का क्लाइंट जो अमेरिका के बोस्टन में  है, उसको सपोर्ट सर्विस देगा | अमेरिकन कंपनी को इस बात से कोई फर्क नहीं पड़ता है की डोयन उनको सर्विस किस से लेकर दे रहा है | हालाँकि राजेश और अमेरिकन कंपनी आपस में डॉक्यूमेंट और इनफार्मेशन एक्सचेंज करते है | राजेश हर महीने यूएस डॉलर में जीएसटी लगाकर बिल बनाते है । पेमेंट राजेश को इंडियन करेंसी में डोयन से मिलेगा, अमेरिकन कंपनी से नहीं | मगर फिर भी  डोयन अमेरिकन कंपनी से पेमेंट मिलने के बाद ही राजेश को पेमेंट करता है |

कहानी एक रोमांचक मोड़ लेती है जब राजेश को लगता है कि वह अमेरिकी कंपनी के लिए वास्तविक सेवा प्रदाता है, और उसे भुगतान केवल डॉयेन के माध्यम से किया जाता है। इसलिए उनकी सेवा को एक्सपोर्ट ऑफ़ सर्विस मानी जाये और उसे एक्सपोर्ट करने पर मिलने वाले सारे बेनिफिट्स मिलने चाहिए |

हालांकि, वह सशंकित है, इसलिए रिफंड के लिए जीएसटी विभाग का दरवाजा खटखटाने के बजाय, वह एडवांस रूलिंग अथॉरिटी में दस्तक देता है और उससे अपने संदेह को दूर करने के लिए कहता है।

फिर,

वहाँ क्या हुआ?

क्या उसे वहाँ अपने सभी सवालों के जवाब मिले और यदि नहीं, तो क्यों?

किन सवालों के जवाब दिए गए, लेकिन क्या?

यह जानने के लिए, आपको यह वीडियो अवश्य देखना चाहिए। 

साथ ही, यदि आप इस वीडियो को देखते हैं, तो आपको पता चल जाएगा कि एडवांस रूलिंग के आवेदन के लिए और सुनवाई के समय क्या सावधानियां बरतनी चाहिए।