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GST Survey: सुनी सुनायी बातों पर न जाओ, अपनी अक्ल लगाओ। काफी कुछ ऐसा जीएसटी के साथ भी है।

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Resource Chapter 73            
Resource GST Discussion            

कई बार ऐसा होता है कि सुनी सुनायी बातें हम पर इतना असर कर जाती हैं कि हम उसे ही सच मानने लग जाते हैं। अगर कोई बात बार-बार कही जाये तो दिलों दिमाग पर वह सच का रूप अख्तियार कर लेता है।

काफी कुछ ऐसा जीएसटी के साथ भी है। कई लोगों के मन में यह धारणा बन गयी है कि जीएसटी लागू होने के बाद चीजों की कीमतों में इज़ाफा हुआ है। लेकिन आपको जानकर हैरत होगी कि आज भी अधिकांश लोगों का यही मानना है कि चीजों की कीमतों में कोई बदलाव नहीं हुआ है। कुछ का तो यह भी मानना है कि कीमतों में गिरावट तक हुई है। कमोबेश सभी का मानना है कि जीएसटी के लागू होने के बाद कंप्लायेंस बढ़ गया है। ऐसा ही खुलासा केपीएमजी के एक सर्वे में हुआ है।

केपीएमजी के सर्वे में शामिल ज्यादातर लोगों का मानना है कि जीएसटी लागू होने के बाद कीमतें इसके पहले के दौर की तरह बनी रहीं। बहरहाल ऐसा मानने वालों की संख्या कम है कि जीएसटी के बाद कीमतें कम हुई है, जीएसटी के दौर में दाम बढ़े हैं, यह मानने वालों की संख्या ज्यादा है।  सलाहकार फर्म केपीएमजी के सर्वे में शामिल 43 प्रतिशत लोगों का मानना है कि जीएसटी लागू होने पर कीमतें यथावत बनी रहीं। 33 प्रतिशत का मानना है कि दाम बढ़े हैं। सिर्फ 24 प्रतिशत लोगों का मानना है कि कीमतें घटी हैं। 

उम्मीद के मुताबिक बड़ी संख्या में 87 प्रतिशत लोगों ने कहा है कि जीएसटी की वजह से कंप्लायेंस बढ़ा है, जबकि 13 प्रतिशत अलग सोचते हैं। केपीएमजी के सर्वे में कंपनियों के  सीईओ, सह संस्थापक, सीटीओ शामिल हुए। 

यानी यह बात समझ लेने की जरूरत है कि सुनी सुनायी बातों पर न जाओ, अपनी अक्ल लगाओ।