जीएसटी एनुअल रिटर्न जमा करने की last date अब तक नहीं बढ़ी... हम बेसब्री से date extension का इंतजार कर रहे हैं... पता नहीं क्यों कुछ लाइनें याद आ रही हैं...

GST DOST's NEWS

जीएसटी एनुअल रिटर्न जमा करने की last date अब तक नहीं बढ़ी... हम बेसब्री से date extension का इंतजार कर रहे हैं... पता नहीं क्यों कुछ लाइनें याद आ रही हैं...

इंतहा हो गई, इंतजार की
आई न कुछ खबर, मेरे यार की
ये हमें है यकीं, बेवफा वो नहीं
फिर वजह क्या हुई, इंतजार की

कब से करे हैं तेरा इंतज़ार
कब आएगी मेरी जाने बहार
कि जितना भी बहलाऊं
ये उतना ही, मचलता है दिल....

एक और...

हम इंतजार करेंगे
हम इंतजार करेंगे
तेरा कयामत तक...
खुदा करे कि कयामत हो
और तू आए....

लास्ट में मेरी खुद की लाइनें

तेरी राह को निहारते
आँखों में पड़ गए हैं छाले
अपनी सूरत जरा दिखा दे
तेरे सिवा मुझे और कौन संभाले

आ गई एक बार तो
फिर न जाने दूंगा
जो भी हैं तेरी ख्वाहिशें
सबकुछ पूरा करूंगा

अब न होना तू बेवफा
आँखों से रिसते दर्द के नाले
मान भी जा अब तू
आ के मुझे बचा ले

 

इस सिचुएशन में आपको कौन से गाने याद आ रहे हैं, plz comment 😁😁😁😁